माननीय सुश्री मायावती जी



राजनीति में आने से पूर्व वर्ष 1984 में सुश्री मायावती जी दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य करती थीं और वर्ष 1977 में माननीय श्री कांशीराम जी के सम्पर्क में आने के बाद उन्होंने पुर्णतः राजनीतिज्ञ बनने का निर्णय ले लिया। सुश्री मायावती जी श्री कांशीराम जी को अपना आदर्श मानती हैं और उन्हीं के दिखाये मार्ग पर चलते हुए ‘बहुजन समाज पार्टी’ और समाज के सभी वर्गों के हित में विकास कार्य कर रही हैं।

जिस समाज का इतिहास नहीं होता,
वह समाज कभी भी शासक नहीं बन पाता...
क्योंकि,
इतिहास से “प्रेरणा” मिलती है,
प्रेरणा से “जागृति” आती है,
जागृति से “सोच” बनती है,
सोच से “ताकत” बनती है,
ताकत से “शक्ति” बनती है,
और शक्ति से “शासक” बनता है

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री माननीय बहन मायावती जी का जीवन किसी प्रेरणा से कम नही हैं। इनका जन्म 15 जनवरी 1956 में हुआ था। जो कि आज भारत की एक सशक्त एवं प्रभावशाली राजनीतिज्ञ महिला के रूप में जानी जाती हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष सुश्री मायावती जी का राजनीतिक सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कठिन परिश्रम और बुलंद हौसलों के कारण इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही और सन 2001 में पार्टी के संस्थापक मान्यवर श्री कांशी राम जी ने सुश्री मायावती जी को दल के अध्यक्ष के रूप में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। सन् 2007 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में इनकी पार्टी ने राज्य में पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और सुश्री मायावती जी मुख्यमंत्री बनीं। इसके पहले भी वह तीन बार भारतीय जनता पार्टी के समर्थन के साथ छोटे-छोटे कार्यकाल (सन् 1995 और सन् 2002 से 2003 तक) के लिये उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 13 मई 2007 में इन्होंने चौथी बार भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में कमान सँभाली और पाँच वर्षों में उत्तर प्रदेश का कायापलट कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा दिया।